सचिन ने 18 साल पहले खेली गई अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी को किया याद
भारत के क्रिकेट इतिहास की उस यादगार पारी को शायद ही कोई भूल सकता है जब क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपनी करिश्माई पारी खेली थी। शारजाह में हुए 1998 के कोका-कोला कप को सचिन तेंदुलकर ने अपने बल्ले से यादगार बना दिया था।
By Mohit TanwarEdited By: Updated: Sat, 23 Apr 2016 01:19 PM (IST)
नई दिल्ली।भारत के क्रिकेट इतिहास की उस यादगार पारी को शायद ही कोई भूल सकता है जब क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपनी करिश्माई पारी खेली थी। शारजाह में हुए 1998 के कोका-कोला कप को सचिन तेंदुलकर ने अपने बल्ले से यादगार बना दिया था। सचिन ने ट्विटर पर 18 साल पहले खेली गई अपनी पारी को याद करते हुए पर लिखा है कि समय गुजर जाता है लेकिन यादें रह जाती हैं।
@sachin_rtDesert.... 18 years ago....Time flies but memories remain. Fondly remembering what you christened as #DesertStorm
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 1998 में भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बीच हुए इस टूर्नामेंट में भारत को अगर फाइनल में पहुंचना था, तो उसे हर हाल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक बड़ी हार बचानी थी।उस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने बनाए थे 284 रन
ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत को 285 रनों का लक्ष्य दिया था। जिसमें माइकल बेवन का शतक शामिल था। भारत को अगर फाइनल में पहुंचना था, उसे 254 रन तो बनाने ही थे। भारत के 4 विकेट 138 रन चले गए, तो भारत के फाइनल में जाने की उम्मीद कम होने लगी थी।भारतीय प्रशंसकों के चेहरे मायूस होने लगे थे।
ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत को 285 रनों का लक्ष्य दिया था। जिसमें माइकल बेवन का शतक शामिल था। भारत को अगर फाइनल में पहुंचना था, उसे 254 रन तो बनाने ही थे। भारत के 4 विकेट 138 रन चले गए, तो भारत के फाइनल में जाने की उम्मीद कम होने लगी थी।भारतीय प्रशंसकों के चेहरे मायूस होने लगे थे।
जब चला था सचिन तेंदुलकर का बल्ला
भारत के 4 विकेट गिरने के बाद तभी अचानक शारजाह में रेत का तूफान आ गया और मैच को 4 ओवर के लिए रोक देना पड़ा। जब मैच फिर शुरू हुआ, तो भारत के लिए लक्ष्य बदल दिया गया। अब 276 रन जीत के लिए चाहिए थे और फाइनल में पहुंचने के लिए 237 रन। उसके बाद सचिन का बल्ला ऐसा चला कि पूरे मैदान में बस सचिन-सचिन सुनाई देने लगा।
सचिन ने आउट होने से पहले 143 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 5 छक्के शामिल थे। भारत की टीम 26 रनों से मैच हार गई, लेकिन सचिन की वो पारी भारत को फाइनल में पहुंचा गई। आज भी सचिन की उस पारी को डेजर्ट स्टॉर्म पारी के नाम से याद किया जाता है।क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें
भारत के 4 विकेट गिरने के बाद तभी अचानक शारजाह में रेत का तूफान आ गया और मैच को 4 ओवर के लिए रोक देना पड़ा। जब मैच फिर शुरू हुआ, तो भारत के लिए लक्ष्य बदल दिया गया। अब 276 रन जीत के लिए चाहिए थे और फाइनल में पहुंचने के लिए 237 रन। उसके बाद सचिन का बल्ला ऐसा चला कि पूरे मैदान में बस सचिन-सचिन सुनाई देने लगा।
सचिन ने आउट होने से पहले 143 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 5 छक्के शामिल थे। भारत की टीम 26 रनों से मैच हार गई, लेकिन सचिन की वो पारी भारत को फाइनल में पहुंचा गई। आज भी सचिन की उस पारी को डेजर्ट स्टॉर्म पारी के नाम से याद किया जाता है।क्रिकेट की खबरों के लिए यहां क्लिक करें