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दुर्गा शक्ति मामले में सपा के आगे कांग्रेस के तेवर ढीले

गौतमबुद्ध नगर की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन पर समाजवादी पार्टी (सपा) के आक्रामक रुख के आगे कांग्रेस के तेवर ढीले पड़ गए हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की चिट्ठी पर भड़की सपा ने केंद्र को उत्तर प्रदेश से सभी आइएएस अधिकारी हटा लेने की चुनौती दे डाली। जवाब में केंद्र की तरफ से बहुत तीखी प्रतिक्रिया नहीं आई।

By Edited By: Updated: Tue, 06 Aug 2013 06:26 AM (IST)

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। गौतमबुद्ध नगर की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन पर समाजवादी पार्टी के आक्रामक रुख के आगे कांग्रेस के तेवर ढीले पड़ गए हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की चिट्ठी पर भड़की सपा ने केंद्र को उत्तर प्रदेश से सभी आइएएस अधिकारी हटा लेने की चुनौती दे डाली। जवाब में केंद्र की तरफ से बहुत तीखी प्रतिक्रिया नहीं आई। सरकार के उच्चपदस्थ सूत्रों ने कहा कि उनके हाथ बंधे हुए हैं। प्रधानमंत्री ने भी सिर्फ इतना ही कहा कि इस मामले में नियमों के तहत कार्रवाई होगी।

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उत्तर प्रदेश की आइएएस दुर्गा शक्ति के निलंबन पर पहले तो कांग्रेस ने संयत प्रतिक्रिया दी। मगर पूरे देश में दुर्गा के प्रति सहानुभूति को देखकर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर इस मामले में दखल देने को कहा। संप्रग अध्यक्ष के पत्र के बाद भी पीएमओ के पास इस मामले में ज्यादा कुछ करने को है नहीं।

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सरकार के उच्चपदस्थ सूत्रों ने साफ कहा भी कि तीन महीने बाद ही निलंबन वापस न होने पर कार्मिक विभाग किसी आइएएस अधिकारी को बहाल कर सकता है। सूत्रों ने यह भी कहा कि जब मायावती सरकार ने 27 आइएएस-आइपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया था, तब भी केंद्र कुछ नहीं कर सका था।

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अब इस मामले में भी सोनिया चिट्ठी चाहे जो लिखें, लेकिन सरकार के पास बहुत कुछ करने को है नहीं। अलबत्ता, कांग्रेस अध्यक्ष की चिट्ठी और केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी नेताओं के रुख पर सपा जरूर भड़क गई है। सपा महासचिव व सांसद रामगोपाल यादव ने चेताया कि अगर केंद्र ने इस मसले में दखल दिया तो आइएएस अफसरों के बिना ही उप्र चलाएंगे। रामगोपाल यादव की यह तीखी प्रतिक्रिया केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री वी. नारायणसामी के बयान पर आई। सामी ने कहा था कि आइएएस दुर्गा के निलंबन पर अब तक केंद्र ने उप्र सरकार को तीन चिट्ठियां लिखी हैं, लेकिन इस पर जवाब नहीं आया है। रिपोर्ट मिलने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

इससे भड़के रामगोपाल यादव ने कहा कि केंद्र इस मामले में दखलअंदाजी न करे। यादव ने साथ ही कांग्रेस को नसीहत भी दी कि यह प्रशासनिक मामला है इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने साफ कहा कि सही कार्रवाई हुई है और यह न होता तो ज्यादा गड़बड़ होती। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस फैसले के पक्ष में मजबूती से खड़े रहकर साफ कर दिया कि वे इस मामले में झुकने को तैयार नहीं है। इधर, संसद सत्र के बीच में अब कांग्रेस एक सीमा के बाद सपा से उलझने में हिचक रही है। इसी का नतीजा था कि ईमानदार अफसरों के साथ रहने की बात तो कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल ने की, लेकिन दुर्गा शक्ति के समर्थन में तीखे तेवर गायब थे।

किसने, क्या कहा

'अगर वे (केंद्र) चाहें तो सभी आइएएस को वापस बुला सकते हैं। हम आइएएस अधिकारियों के बिना भी उप्र को चला सकते हैं।'

- रामगोपाल यादव, सपा महासचिव

'इस मामले में हम राज्य सरकार के साथ संपर्क में हैं। इस तरह के मामलों के लिए नियम हैं, जिनका पालन किया जाएगा।'

- मनमोहन सिंह

'बच्चे जब गलती करते हैं तो स्कूल में अध्यापक और घर में अभिभावक पिटाई करते हैं। इसी तरह सरकार भी काम करती है। जब कोई अधिकारी गलती करता है तो उसे वह सजा देती है।'

- अखिलेश यादव, उप्र के मुख्यमंत्री

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