इमरान का मिशन कश्मीर तो पहले ही हो गया फ्लॉप अब UNGA से क्या होगा हासिल
Howdy Modi की सफलता ने इमरान खान के इरादों पर कहीं न कहीं पानी फेरने का काम किया है। UNGA में होने वाले उनके संबोधन से पहले ही तय हो गया है कि वह कितने सफल हो सकेंगे।
By Kamal VermaEdited By: Updated: Wed, 25 Sep 2019 11:08 AM (IST)
नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। भारत पाकिस्तान और अमेरिका के लिए सितंबर का माह काफी खास है। इसके खास होने की दो बड़ी वजह हैं। पहली वजह तो Howdy Modi रही है तो दूसरी संयुक्त राष्ट्र आम सभा। Howdy Modi की न सिर्फ भारत-पाकिस्तान बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है। पाकिस्तान की ही बात करें तो उसने इस प्रोग्राम को पूरी तरह से फ्लॉप बताकर अपनी हंसी उड़वाने का काम किया है। इसके अलावा अमेरिका पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को जो सम्मान मिला है उससे भी उनकी फजीहत हो रही है। अब सभी की निगाहें 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में होने वाले उनके और पीएम मोदी के संबोधन पर लगी हैं।
27 सितंबर पर होगी निगाह इन दोनों ही नेताओं का एक ही दिन संबोधन है। इसमें पहले पीएम मोदी को बोलना है इसके बाद में इमरान खान बोलेंगे। इमरान खान का एजेंडा बेहद साफ है। पाकिस्तान की मीडिया इसको मिशन कश्मीर का नाम दे रही है। लेकिन मिशन कश्मीर पर अमेरिका पहुंचे इमरान खान की बात कितने लोग सुनेंगे या सुनने वाले हैं ये भी पूरी दुनिया जानती है। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पीएम मोदी के स्वागत में जहां रेड कार्पेट बिछाया गया था वहीं प्रधानमंत्री इमरान खान को ये भी नसीब नहीं हुआ। बहरहाल, इमरान खान के मिशन कश्मीर की ही बात करें तो वह अपना रोना पूरी दुनिया में बीते दो माह से रो रहे हैं। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खत्म करने के बाद से ही वह इसमें लगे हुए हैं। इसके तहत वह अमेरिका भी गए थे। वहां पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने उन्होंने अपनी बात रखी थी और भारत पर कई आरोप मढ़े थे। लेकिन उनके इन आरोपों का असर क्या हुआ इसको Howdy Modi की सफलता के बाद बताना बेमानी हो जाता है।
बीते कुछ दिनों में प्रधानमंत्री इमरान खान ने रूसी अखबार और अल जजीरा टीवी को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू दिया है। यह इंटरव्यू पूरी तरह से उनके मिशन कश्मीर के ही इर्द-गिर्द रहा। इसमें इमरान ने कहा था कि भारत एफएटीएफ में पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करवाने में लगा हुआ है। एफएटीएफ की ही बात करें तो अब तक पाकिस्तान ने 27 में से केवल छह बिंदुओं को पूरा किया है। इसका सीधा सा अर्थ है कि वह इसमें ब्लैक लिस्ट होने के कुछ और करीब चला गया है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान खुद को ब्लैक लिस्ट करवाने से नहीं बचा पाएगा। इससे पहले हुई एशिया पैसिफिक ग्रुप की बैठक में पाकिस्तान को काली सूची में डालने के लिए संस्तुति कर दी है। अगले माह एफएटीएफ की बैठक होनी है, जिसमें मुमकिन है कि पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट करने पर मुहर भी लग जाए। अपाको बता दें कि पाकिस्तान फिलहाल इसकी ग्रे लिस्ट में है।
चीन नहीं जलाएगा हाथ इस इंटरव्यू में उन्होंने पाकिस्तान की खराब होती आर्थिक स्थिति और इसपर अपनी सफाई भी दी थी। उनका कहना था कि देश की हालत सुधारने के लिए उन्होंने जो कदम उठाए हैं पांच वर्षों के दौरान इसका असर दिखाई दे जाएगा। इंटरव्यू में उनका पूरा वक्त भारत पर आरोपों को सुनाते हुए गुजरा था। अब यही 27 सितंबर को उनके संबोधन में भी फिर दिखाई देने वाला है। मिशन कश्मीर पर निकले इमरान की बात संयुक्त राष्ट्र आम सभा में कितनी सुनी जाएगी इसका अंदाजा सभी को है। चीन भी उनके इस मिशन में कितना साथ देगा इसको लेकर भी अंदाजा लगाया जा सकता है। दरअसल, यूएनएससी में जिस तरह से इन दोनों को नाकामी हासिल हुई है, उसको देखते हुए कहा जा सकता है कि चीन इस वैश्विक मंच पर पाकिस्तान का साथ देकर अपने हाथ जलाने की कोशिश नहीं करेगा।
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