मॉडर्न कारों में मौजूद ये सेंसर देते हैं फुल सेफ्टी की गारंटी, जानिए कैसे करते हैं काम
Car Sensors आजकल की मॉडर्न कारें कई फीचर्स से लैस आती हैं। नई कारें कई ऐसे सेंसर के साथ आती हैं जिनके बारे में आम आदमी को पता भी नहीं होता है। आइए आज आपको कार में दिए जाने वाले 10 सेंसर के बारे में बताने वाले हैं। (फोटो-जागरण)
नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। आजकल की करें काफी ज्यादा एडवांस हो गई हैं। आजकल की कारें कई सेंसर से लैस आती हैं। इन सेंसर को देने की पीछे की वजह सेफ्टी होती है जो कई कार कंपनिया नजर अंदाज नहीं करती हैं। इन सेंसर से कार चलाना आसान तो होता ही है इसके अलावा सफर भी सेफ रहता है।
टेक्नोलॉजी के इस नए जमाने में नई कारों के अंदर कई इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECUs) होती हैं जो कार के अलग-अलग फंक्शन को कंट्रोल करती हैं। यहां हमने कारों में पाए जाने वाले 10 सेंसर को लिस्ट किया है। आइए डिटेल से जानते हैं ये सेंसर कैसे काम करते हैं।
जीपीएस सेंसर
यह सेंसर कार की लोकेशन निर्धारित करता है। इस जानकारी का उपयोग नेविगेशन सिस्टम, ट्रैफिक अपडेट और एमरजेंसी सेवाओं द्वारा किया जाता है।
सीट बेल्ट सेंसर
सीट बेल्ट न लगाने पर आपको जो बीप सुनाई देती है वह सीट बेल्ट सेंसर की वजह से होती है। सीट बेल्ट सेंसर आपको सीट बेल्ट लगाने के लिए बार-बार याद दिलाता है। इसकी बीप की आवाज तब बंद होती है जबतक आप अपना सीट बेल्ट न पहन लें।
सेलुलर मॉडेम सेंसर
एक मॉडेम कार को इंटरनेट से कनेक्ट करने की अनुमति देता है। यह कार को ट्रैफिक अपडेट, मौसम पूर्वानुमान और समाचार जैसी जानकारी तक पहुंचने की अनुमति देता है। इसी के मदद से आप अपनी कार में एंटरटेनमेंट का लुत्फ उठाते हैं।
कैमरा सेंसर
कार में कैमरा सेंसर का इस्तेमाल विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, जैसे पार्किंग सहायता, लेन प्रस्थान चेतावनी और टक्कर से बचाव। आप कैमरा सेंसर का इस्तेमाल करके अपनी कार को पार्किंग में सही जगह पर पार्क कर सकते हैं। कभी-कभी ये सेंसर गाड़ी एक्सीडेंट या टक्कर होने पर काम करते हैं।
राडार
इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कई कामों में किया जाता है। कार में अडेप्टिवे क्रूज कंट्रोल, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग और रियर क्रॉस-ट्रैफिक अलर्ट पाने के लिए इसकी मदद ली जाती है।
LiDAR सेंसर
इस तकनीक का इस्तेमाल विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, जैसे कि सेल्फ-ड्राइविंग कार। LiDAR हर कार में नहीं पाया जाता है लेकिन Tesla जैसी कारों में सेंसर होता है। (LiDAR) का मतलब होता है लाइट इमेजिंग डिटेक्शन एंड रेंजिंग। यह टेक्नोलॉजी किसी सतह पर ऑब्जेक्ट को स्कैन करती है और हमें ऑब्जेक्ट की शेप, पोजिशन, और डिस्टेंस मेजर करके बताती है।
अल्ट्रासोनिक सेंसर
अल्ट्रासोनिक सेंसर पहियों में लगा होता है जिससे की पार्किंग करने में मदद मिलता है और यदि आगे पीछे कोई वाहन हो तो उसे पता लगाना आसान हो जाता है। इसे सबसे ज्यादा सेल्फ ड्राइविंग कार में इस्तेमाल किया जाता है।
इन-कार सेंसर
बिल्कुल एक सेंसर नहीं बल्कि कई सेंसर जो कारों के अंदर पाए जा सकते हैं। इन सेंसर का उपयोग कार की स्थिति, जैसे टायर का दबाव, इंजन का तापमान और तेल के स्तर की निगरानी के लिए किया जा सकता है।
ब्लूटूथ
सबसे आम टेक्नोलॉजी में से एक और कारों में भी उपयोगी सेसंर ब्लूटूथ है। ब्लूटूथ कार को स्मार्टफोन और म्यूजिक प्लेयर जैसे अन्य डिवाइस से कनेक्ट करने की अनुमति देता है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।