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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chhattisgarh News: स्‍कूल का हेडमास्‍टर नाबालिग बच्चियों के साथ करता था गंदी हरकतें, गलत काम में स्‍टाफ भी था शामिल

By Arijita SenEdited By:
Published: Mon, 19 Sep 2022 03:50 PM (IST)

Chhattisgarh News रायपुर के शासकीय स्‍कूल के प्रिंसिपल पर छात्राओं संग छेड़छाड़ करने के संगीन आरोप लगे हैं। प्रिंसिपल के ...और पढ़ें

शासकीय स्‍कूल के प्रिंसिपल पर लगा बच्चियों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप
शासकीय स्‍कूल के प्रिंसिपल पर लगा बच्चियों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप

रायपुर, जागरण आनलाइन डेस्‍क। छत्‍तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) से एक चौंकानेवाला मामला सामने आया है। यहां के शासकीय स्कूल के प्रिंसिपल पर तीन नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा है। पीड़ित बच्चियों के परिजनों को जैसे ही घटना के बारे में जानकारी मिली, उन्‍होंने तुरंत प्रिंसिपल के खिलाफ थाने में शिकायत की।

यह पूरा मामला आमानाका थाना क्षेत्र के रोटरी कौस्मो प्राथमिक शाला डूमर तालाब का है, जहां प्रिंसिपल पर नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं।

बताया जा रहा है कि मामले में स्कूल का एक कर्मचारी भी शामिल है। पूरी बात जानने के बाद बच्चियों के परिवारवाले इतने भड़क गए कि उन्‍होंने स्‍कूल के कर्मचारी की पिटाई कर दी।

प्रिंसिपल छात्राओं को जबरदस्‍ती घुमाने ले जाता था  

बच्चियों ने आरोप लगाया है कि उनका हेडमास्‍टर दिलीप कुमार भगत (Dilip Kumar Bhagat) छात्राओं को गलत ढंग से छूता था, उनसे अश्‍लील बातें करता था।

इतना ही नहीं, वह बच्चियों को अपने साथ जबरदस्‍ती घुमाने ले जाकर उनके साथ गलत बर्ताव करता था। बच्चियों के परिजनों को जब इसकी खबर लगी तो वे तुरंत स्‍कूल पहुंचे, लेकिन जब हेडमास्‍टर वहां नहीं मिला तो उन्‍होंने स्‍कूल स्‍टाफ की पिटाई कर दी।

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पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी घटना 

हालांकि यह कोई पहली दफा नहीं है, बल्कि इससे पहले राज्‍य के सूरजपुर जिले से इस तरह की घटना सामने आ चुकी है। यह मामला एक निजी स्‍कूल का है, जहां 45 वर्षीय एक प्रधानाचार्य को दो नाबालिग छात्राओं के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

ये बच्चियां पांचवी और सातवीं कक्षा की थीं। बच्चियों ने जब माता-पिता को घटना की जानकारी दी, तो उन्‍होंने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद आरोपी प्रधानाचार्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

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