बर्ड फ्लू का कहर, दिल्ली का चिड़ियाघर अगले आदेश तक बंद
दिल्ली चिड़ियाघर में दो पेंटेड स्टार्क पक्षी मृत पाए गए जिनमें बर्ड फ्लू (एच5एन1 एवियन इन्फ्लुएंजा) की पुष्टि हुई है। भोपाल के नेशनल इंस्टीट्यूट से आई जांच रिपोर्ट के बाद चिड़ियाघर को बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने पक्षियों की निगरानी बढ़ा दी है और संक्रमित पक्षियों को अलग करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

रितिका मिश्रा, नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में एच5एन1 एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) के मामले सामने आने के बाद सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए चिड़ियाघर को आगंतुकों के लिए 30 अगस्त 2025 से अनिश्चितकाल तक बंद कर दिया गया है।
चिड़ियाघर प्रशासन ने ये कदम पेंटेंड स्टार्क (जांघिल) की मौत के बाद लिया है। जांघिल के मौत के नमूने भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भेजे गए थे, जिसकी जांच में 28 अगस्त 2025 को बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई। चिड़ियाघर प्रशासन ने कहा कि अगले 21 दिन वायरस फैलाव को रोकने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
सभी कैप्टिव और प्रवासी पक्षियों की सख्त निगरानी और अलगाव किया जा रहा है। विशेष रूप से शेर और बाघ के बच्चे पर भी निगरानी रखी जा रही है। चूंकि पिछले रिकार्ड बताते हैं कि बड़े चिड़ियाघरों में एवियन फ्लू के कारण बाघों की मौत भी हुई है।
हाल ही में दिल्ली चिड़ियाघर में रायल बंगाल टाइगर के छह शावकों में से पांच की मौत संक्रमण और कमजोरी के कारण हुई थी। चिड़ियाघर के अधिकारी ने कहा कि केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय की ओर से जारी एवियन इन्फ्लूएंजा की तैयारी, नियंत्रण और रोकथाम के लिए कार्य योजना (संशोधित-2021) के दिशा-निर्देशों के तहत तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।
चिड़ियाघर में गहन निगरानी, सख्त जैव-सुरक्षा उपाय और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकाल लागू किए गए हैं, ताकि संक्रमण अन्य पशु-पक्षियों और कर्मचारियों तक न फैले। उन्होंने कहा कि फ्लू के नियंत्रण उपाय घरेलू मुर्गियों के लिए अपनाए जाने वाले उपायों के समान होंगे।
स्वस्थ और गैर-संक्रमित विशेष प्रजातियों को मारा नहीं जाएगा। आगंतुकों का प्रवेश तत्काल रोक दिया गया है। अगले 21 दिन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके। चिड़ियाघर में अब तक ये तीसरी बार बर्ड फ्लू फैलने का मामला आया है।
जिसके चलते चिड़ियाघर को बंद करना पड़ रहा है। वर्ष 2016 में अक्टूबर में पहली बार चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू फैला था। जिसके बाद चार माह तक चिड़ियाघर बंद रहा था। इस दौरान 70 से अधिक पेंटेड स्टार्क, बत्तख और पेलिकन समेत अन्य पक्षी बर्ड फ्लू से मर गए थे।
इसके बाद 16 जनवरी 2021 को बर्ड फ्लू एक बार फिर से चिड़ियाघर में फैल गया था। तब भी तीन माह के लिए चिड़ियाघर को बंद किया गया था।अब तीसरी बाद बर्ड फ्लू फैलने से 30 अगस्त 2025 से इसे अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है।
कब-कब हुआ बंद
- 2016 : एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) की वजह से अक्टूबर 2016 से जनवरी 2017 तक बंद
- 2021: कोविड-19 और बर्ड फ्लू की वजह से मार्च 2020 से अगस्त 2021 तक बंद
- 2021: कोविड -19 की वजह से अप्रैल 2021 में थोड़े समय के लिए खुला, फिर 3.5 महीने के लिए बंद
- 2023: जी20 समिट की वजह से आठ से 10 सितंबर तक बंद
- 2025: एच5एन1 एवियन इन्फ्लुएंजा की वजह से 30 अगस्त से अनिश्चितकाल के लिए बंद
कुल वन्यजीव
लगभग 130 प्रजातियों के 1350 जानवर और पक्षी अफ्रीका, आस्ट्रेलिया और अमेरिका से लाए गए स्तनधारी, सरीसृप और दुर्लभ पक्षी हैं। यहां 200 प्रकार के पेड़ और विशेष पुस्तकालय जहां आगंतुक वन्यजीवों और पौधों के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
ये सावधानियां बरती जाएंगी
- प्रभावित हिस्सों को क्वारंटाइन किया गया।
- पूरे चिड़ियाघर में सैनिटाइजेशन और निगरानी लागू।
- सभी कर्मचारियों को मास्क और दस्ताने पहनने के निर्देश।
- कैप्टिव और प्रवासी पक्षियों की निगरानी और अलगाव।
- पर्यावरणीय सैंपल (जल, मिट्टी) नियमित जांच के लिए लिए जा रहे हैं।
- हर 15 दिन में कम से कम चार बार सैंपलिंग।
- लगातार दो नकारात्मक सैंपल आने पर ही दर्शकों के लिए चिड़ियाघर खुलने पर हो सकेगा विचार।
क्या है बर्ड फ्लू
- संक्रामक वायरल रोग, मुख्य रूप से पक्षियों में।
- सबसे खतरनाक प्रकार: एच5एन1
- फैलाव: संक्रमित पक्षी के मल, पंख और लार।
- इंसानों में लक्षण: बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ।
- समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा हो सकता है।
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