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दिल्ली-NCR में दिवाली की रात ही लग जाएगा एक खतरनाक ग्रहण ! 400 जा सकता है AQI; मंगलवार को बिगड़ेंगे हालात

Delhi Pollution पंजाब और हरियाणा में जलाई जा रही पराली और स्थानीय कारणों से देश की राजधानी दिल्‍ली और इसके आसपास के शहरों में दिवाली पहले रविवार को ही हवा जहरीली हो गई है। दिवाली पर अगर पटाखे फोड़ गए तो हालात बदतर हो जाएंगे।

By Jp YadavEdited By: Updated: Sun, 23 Oct 2022 06:27 PM (IST)
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दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषित की स्थिति हो रही खराब। फाइल फोटो
नई दिल्ली, नोएडा/गाजियाबाद/गुरुग्राम, जागरण डिजिटल डेस्क। Diwali Pollution 2022: : दिल्ली-एनसीआर समेत देश-दुनिया में दिवाली के अगले दिन वर्ष 2022 का अंतिम सूर्य ग्रहण (Solar eclipse 2022) लगने जा रहा है। इसके साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर (Delhi Air Pollution) में दिवाली के अगले दिन (25 अक्टूबर दिन मंगलवार) एक और ग्रहण भी लगने जा रहा है, जो आगामी कुछ दिनों तक लोगों को परेशान करेगा। यह होगा जहरीली हवा का ग्रहण। यह स्थिति बनेगी पराली जलाने और पटाखे फोड़ने की वजह से, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक हो सकती है।

AQI के बहुत खराब श्रेणी में जाने की आशंका

दरअसल, पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने के साथ-साथ पटाखे फोड़े जाने के बाद दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) के बहुत खराब श्रेणी (very poor category) में जाने की आशंका जताई गई है। बताया जा रहा है कि पराली जलाने के बाद उसके धुएं और पटाखों के जलाए जाने से बना स्माग दिल्ली-एनसीआर में 24 अक्टूबर की रात से ही अपना असर दिखाना शुरू कर देगा। अगले दिन मंगलवार को हालात और बदतर हो सकते हैं। 

राहत की भी खबर

बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच दिल्ली-एनसीआर के करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर आ रही है। दिल्ली-एनसीआर के सभी शहरों में एयर इंडेक्स 200 से 300 के बीच यानी खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। इस श्रेणी में यह आठ दिन से लगातार बना हुआ है। सफर इंडिया की मानें तो सोमवार यानी दीपावली पर एयर इंडेक्स 400 से भी ऊपर पहुंच कर गंभीर श्रेणी में भी पहुंच सकता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने चार दिन पहले ही आशंका जताई थी कि दीपावली से दो दिन पहले दिल्ली की हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंच जाएगी। इस वजह से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का दूसरा चरण भी लागू कर दिया गया है।

यह भी जानें

  • 3 नवंबर, 2021 को दीवाली से एक दिन पहले राजधानी दिल्ली में AQI 314 था। पटाखे फोड़े जाने के चलते दिवाली के दिन AQI 382 चला गया और फिर अगले दिन 462 तक पहुंच गया।
  • 13, नवंबर 2020 को दिल्ली में दिवाली एक दिन पहले 12 नवंबर को AQI 296 दर्ज किया गया था, जबकि दिवाली पर यह 414 और एक दिन बाद 435 पहुंच गया।
  • 27  अक्टूबर, 2019 में दिवाली से एक दिन पहले राजधानी दिल्ली में AQI 287 दर्ज किया गया था। यह दिवाली के दिन 337 और अगले दिन 368 हो गया था। 
  • 7 नवंबर, 2018  (दिवाली) से एक दिन पहले AQI 338 था। वहीं, दिवाली के दिन यह घटकर 281 हो गया और अगले दिन बढ़कर 390 हो गया था। 
  • इसी तरह 2017 और 2016 में दिवाली से एक दिन पहले एक्यूआई क्रमश: 302 और 404 था।

AQI के मानक

  • 0 -50 के बीच एक्यूआई को अच्छा
  • 51-100 के बीच संतोषजनक
  • 101- 200 के बीच मध्यम
  • 201-300 के बीच खराब
  • 301- 400 के बीच बहुत खराब
  • 401- 500 के बीच गंभीर

300 के पार चला जाएगा AQI 

माना जा रहा है कि एनसीआर में दिवाली पर संभावित आतिशबाजी और पराली के धुएं के चलते दिल्ली में दिवाली की रात हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में उच्च स्तर पर या गंभीर श्रेणी में निचले स्तर पर जा सकती है। बावजूद इसके वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार ही रहेगा। इसके अगले दिन 25 अक्टूबर को स्माग बढ़ जाएगा। यह बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिहाज से काफी घातक है। सफर (सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकॉस्टिंग एंड रिसर्च) के आंकलन के मुताबिक, पराली के धुएं और पटाखों के चलते दिवाली की रात ही AQI 300 के पार चला सकता है। अगले दिन इसमें और बढ़ोतरी होने के आसार हैं। 

पूरे सप्ताह वायु प्रदूषण रह सकता है बहुत खराब श्रेणी में

उधर, आइआइटीएम पुणे का भी पुर्वानुमान है कि 25 अक्टूबर तक दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रह सकता है। इसके बाद अगले छह दिनों तक यह खराब से बेहद खराब रहेगा। दरअसल, 23 अक्टूबर को हवाएं उत्तर दिशा से आएंगी। इनकी गति 10 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रहेगी। इसके बाद 25 अक्टूबर को प्रदूषण बेहद खराब से गंभीर रह सकता है।

पराली जली और पटाखे फोड़े गए हालात होंगे खराब

उधर, सफर इंडिया के संस्थापक निदेशक गुरफान बेग का कहना है कि दिवाली की रात हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंचने से रोकने का एक मात्र उपाय यह है कि अगले तीन दिन पराली बिल्कुल न जलने पाए। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में पटाखे नहीं फोड़ जाएं। ऐसा संभव नहीं है, क्योंकि दिल्ली-एनसीआर में लोग चोरी छिपे हर साल लोग पटाखे फोड़ते हैं।

दिवाली की रात जहरीली हो जाएगी दिल्ली की हवा

दीवाली की रात यदि दिल्ली में पटाख बिल्कुल नहीं जले तब भी एनसीआर में आतिशबाजी और पराली के धुएं के कारण दिल्ली में दीवाली की रात हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में उच्च स्तर पर या गंभीर श्रेणी में निचले स्तर पर रह सकती है। लेकिन दिल्ली में पिछले 10 सालों में दीवाली के दिन जितने पटाखे जलाए जाते हैं यदि उसका एक चौथाई हिस्सा (25 प्रतिशत) पटाखे भी जलाए गए तो हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच जाएगी। इस दौरान रात एक बजे से सुबह चार बजे तक पीएम-10 और पीएम-2.5 का स्तर सबसे अधिक रहेगा। दिवाली के अगले दिन 25 अक्टूबर को हवाएं विपरीत असर डालेंगी।

बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा नुकसान

डाक्टरों के मुताबिक, जहरीली हवाएं फेफड़ों पर विपरीत प्रभाव डालती हैं। यहां तक कि दूषित हवा हर उम्र के लोगों पर असर डालती है, खासतौर बुजुर्गों सभी को बीमार करती है, ख़ासतौर पर बूढ़ों और बच्चों को। दरअसल, बुजुर्गों में उम्र के साथ उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है। इसी तरह बच्चों पर भी वायु प्रदूषण खराब असर डालता है। 

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