Lockdown: चोरों से कम चूहों से ज्यादा डर लग रहा साहेब!, दुकानदारों ने बयां किया दर्द
Coronavirus Lockdown in Delhi दिल्ली में लॉकडाउन के कारण बंद पड़े शोरूम और दुकानों में सामनों को क्षति पहुंचाकर चूहे दुकानदारों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
By Mangal YadavEdited By: Updated: Tue, 28 Apr 2020 04:26 PM (IST)
नई दिल्ली [नेमिष हेमंत]। Coronavirus Lockdown in Delhi: लॉकडाउन में बंद कारोबारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली का व्यापारी वर्ग चिंतित तो है ही, पर उनकी रातों की नींद सपनों में आते चूहों ने उड़ा रखी है। सपनों में आते चूहे उनके कारोबारी प्रतिष्ठान में रखें सामानों की मौज उड़ाते दिख रहे हैं। वह बंद शटर के पीछे एकछत्र राज में जमकर धमाचौकड़ी मचाए हुए हैं।
कहीं, पैकेट काटकर सामानों का खूब स्वाहा कर रहे हैं तो दुकानों के महत्वपूर्ण कागजों की चिद्दी-चिद्दी करने में जुटे हैं। नहीं समझ में आ रहा तो बिजली व टेलीफोन की तारों पर ही दांत साफ कर रहे हैं। यह चिंता गैरवाजिब नहीं है। दिल्ली के बाजारों में चूहों का यह आतंक पहले से रहा है। अब तो लॉकडाउन में उनको कोई रोकने-टोकने वाला भी नहीं है।चूहों की कौन करे निगरानी
कनॉट प्लेस के कारोबारी संगठन नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) के सचिव विक्रम बधवार कहते हैं कि दुकानों और शो रूम को चोरी से बचाने के लिए पूरे कनॉट प्लेस में सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, जो 24 घंटे अपनी सेवा दे रहे हैं। इसी तरह दिल्ली पुलिस के जवान भी है। पर इन चूहों पर निगरानी करने वाला कोई नहीं है। ये बेखौफ होकर दुकानों के अंदर- बाहर कर रहे हैं। वह कहते हैं कि कनॉट प्लेस के चूहों को पूरी बिल्ली ही मानिए। जिन्हें वह लोग घूस बुलाते हैं। वह इतने मोटे होते हैं कि अकेले पड़ने पर एक बारगी इंसान ठिठक जाएं। वे बिल बनाकर दुकानों में रखें सामानों को काफी नुकसान पहुंचाते हैं।
चूहों ने बढ़ाई दुकानदारों की टेंशनवह चिंतित होते हुए कहते हैं कि अगर इसमें से कोई चूहा शो रूम के अंदर मर गया तो और बड़ी आफत है। पूरी दुकान बदबू से भर गई होगी। वह बताते हैं कि चूहों को लेकर यहां के दुकानदार काफी चिंतित है और दुकानें खोलकर हालात देखना चाहते हैं। पर वे लॉकडाउन से मजबूर है।
बता दें कि इस इलाके की सिविक एजेंसी नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमी) का उद्यान विभाग भी इन चूहों से खासा परेशान है क्योंकि ये कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क में लगाए गए सुंदर-सुंदर पौधे चट कर जाते हैं। मिट्टी को खोखला करते हैं जिससे पेड़ों के गिरने का डर रहता है। ऐसे में उद्यान विभाग इनके खिलाफ अभियान भी चलाता रहता है, फिलहाल इस लॉकडाउन में वह भी सुस्त हैं।
इन बाजारों के दुकानदार भी चूहों को लेकर चिंचितयह मात्र कनॉट प्लेस का ही हाल नहीं है। पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक, नया बाजार और खारी बावली समेत अन्य बाजारों के दुकानदार भी चूहों को लेकर चिंतित है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल दिल्ली के महासचिव व नया बाजार के किराना कारोबारी हेमंत गुप्ता बताते हैं कि व्यापारियों की टेलीफोन और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बातचीत में इन दिनों चूहों का मुद्दा भी छाया हुआ है। वह काफी चिंतित हैं कि चूहों ने उनकी दुकानों की पता नहीं क्या हालत बना दी होगी। पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में आम दिनों में ही बहुतयात चूहें घूमते मिल जाते हैं तो इन दिनों तो उनकी पूरी मौज है।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के स्थाई समिति के अध्यक्ष जयप्रकाश ने कहा कि चूहों का मामला उनके संज्ञान में भी आया है। इनपर लगाम लगाने के लिए उन्होंने निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों को जल्द अभियान चलाने को कहा है।
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