Gujarat Tragedy: गुजरात में जहरीली शराब का कहर, 36 की मौत; 80 अस्पताल में भर्ती, लोगों को पीने के लिए बेचा केमिकल
Gujarat Poisonous Liquor गुजरात में जहरीली शराब के कारण अब तक 36 लोगों की मौत हो गई जबकि 80 लोग की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती हैंं। पुलिस ने कहा साजिश के तहत लोगों को पीने के लिए केमिकल बेचा
By Babita KashyapEdited By: Updated: Tue, 26 Jul 2022 11:11 PM (IST)
अहमदाबाद, जागरण संवाददाता। Gujarat Poisonous Liquor: गुजरात के भावनगर और अहमदाबाद जिलों में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 36 हो गई है। 80 से अधिक लोग भावनगर और अहमदाबाद के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। फोरेंसिक जांच में मिथाइल अल्कोहल के कारण मौत की बात कही गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने घटना को लेकर उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। भावनगर जिले के रोजिद गांव में सोमवार सुबह अचानक कई लोगों को उल्टी, दस्त व बुखार की शिकायत हुई।
अहमदाबाद के धंधूका में भी लोगों की हालत बिगड़ने लगी। इन सबने रविवार रात देसी शराब पी थी। पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने बताया कि मुख्य आरोपित जयेश उर्फ राजू, संजय तथा बंटी ने चोरी का 600 लीटर केमिकल इन गांवों में 40 हजार रुपये में बेचा था। शराब के नाम पर पीडि़तों को पानी के साथ केमिकल दिया गया। जांच में जहरीली शराब में 98 से 99 प्रतिशत तक मिथाइल अल्कोहल पाया गया। यह रसायन उद्योगों में उपयोग किया जाता है। पुलिस ने साजिश के तहत लोगों को पीने के लिए केमिकल बेचने का मामला दर्ज कर जयेश समेत 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल एवं शिक्षा मंत्री जीतूभाई वाघाणी को पीडि़तों से मिलने भावनगर भेजा। वाघाणी ने कहा कि जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर, कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी एवं नेता विपक्ष सुखराम राठवा ने पीडि़त परिवारों से मुलाकात की। गुजरात आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शराब कांड पर दुख जताते हुए कहा कि राज्य में शराबबंदी कानून केवल कागज पर है। शराबबंदी होने के बावजूद गांव-गांव में शराब बिकती है।