Haryana News: पानीपत के इनेलो जिलाध्यक्ष रहे राजपाल रोड ने थामा कांग्रेस का हाथ, हुड्डा ने बीजेपी पर किया कटाक्ष
पानीपत से इनेलो के जिला अध्यक्ष डॉ. राजपाल रोड ने कांग्रेस ज्वाइन की। उनकी ज्वाइनिंग पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) ने बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी को हार का अहसास हो गया है। जनता को झांसा देने के लिए आनन-फानन में घोषणाएं कर रही है। जनता बीजेपी के 10 साल के अत्याचार का बदला लेगी।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पानीपत से इनेलो के जिला अध्यक्ष डॉ. राजपाल रोड ने कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन कर ली है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राजपाल रोड का पार्टी में स्वागत किया और उन्हें पूर्ण मान-सम्मान का भरोसा दिलाया। इसके बाद भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि लगातार कांग्रेस का कुनबा विस्तार हो रहा है और नए लोगों के साथ आने से प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की लहर और जोर पकड़ती जा रही है।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी को हरियाणा में अपनी हार का एहसास हो गया है। इसीलिए वह जनता की नजरों में धूल झोंकने के लिए आनन-फानन में घोषणाएं कर रही है। लेकिन जनता अब उसके झांसे में आने वाली नहीं है। जनता चुनाव में बीजेपी से 10 साल के अत्याचार का बदला लेगी और इस बार प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाएगी।
बीजेपी ने हरियाणा को बेरोजगारी में बनाया नंबर वन
पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने कौशल निगम कर्मियों के सरकार की पॉलिसी अनुसार मेहनताना में हुई मामूली बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हरियाणा को बेरोजगारी में नंबर वन राज्य बना दिया है। सरकारी विभागों में दो लाख से ज्यादा पद खाली पड़े हुए। लेकिन उनको भरने की बजाय सरकार ठेके पर कौशल निगम के जरिए पदों को भर रही है।कौशल निगम में कर्मियों को बमुश्किल 15 से 20 हजार रुपये महीना मेहनताना मिलता है। कौशल कर्मी की आमदनी एक दिहाडी मजदूर से भी भी कम होती है। उसमें मामूली बढ़ोत्तरी करके सरकार कौशल कर्मियों के साथ भद्दा मजाक कर रही है।
बीजेपी ने युवाओं को ठेका प्रथा में झोंका
हुड्डा ने कहा कि पक्की भर्तियों को खत्म करके बीजेपी ने ऐसी ठेका प्रथा में युवाओं को झोंक दिया है, जिसमें नौकरी का कोई भरोसा नहीं है। जब जिसे मर्जी सरकार काम से निकाल देती है और जिसे मर्जी भर्ती कर लिया जाता है। इसमें ना किसी तरह की मेरिट है, ना पारदर्शिता और ना ही आरक्षण।ये भी पढ़ें: Haryana News: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, बिना डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के हो सकेगी नियुक्ति
उन्होंने कहा कि असल में तो एससी और ओबीसी का आरक्षण खत्म करने के लिए ही सरकार इस ठेके वाली प्रथा को लेकर आई है। क्योंकि अगर पक्की भर्तियां होंगी तो उसमें एससी और ओबीसी को आरक्षण के तहत नौकरियां देनी पड़ेंगी। लेकिन बीजेपी वंचित वर्गों को पक्का रोजगार नहीं देना चाहती। वो पक्की नौकरियों, आरक्षण और मेरिट को पूरी तरह खत्म करना चाहती हैं।
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