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यूपी के 18 जिलों से गुजरेगी कांडला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन, 1083 किलोमीटर होगी लंबाई

मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने उत्तर प्रदेश के 18 जिलों से गुजरने वाली कांडला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन के लिए संबंधित जिलाधिकारियों को भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं का तेजी से निस्तारण कर कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

By Umesh TiwariEdited By: Updated: Fri, 24 Sep 2021 09:27 PM (IST)
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उत्तर प्रदेश के 18 जिलों से गुजरेगी कांडला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने उत्तर प्रदेश के 18 जिलों से गुजरने वाली कांडला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन के लिए संबंधित जिलाधिकारियों को भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं का तेजी से निस्तारण कर कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। वह 2800 किलोमीटर लंबी इस भूमिगत पाइपलाइन को प्रदेश में बिछाने के कार्यों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को अंतरविभागीय बैठक कर रहे थे। प्रोजेक्ट पूरा होने पर यह दुनिया की सबसे लंबी एलपीजी पाइपलाइन परियोजना होगी।

मुख्य सचिव ने बताया कि उत्तर प्रदेश में तेल उद्योग सुरक्षा निदेशालय (ओआइएसडी) व पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) के दिशानिर्देशों और अमेरिकी पेट्रोलियम संस्थान (एपीआइ) के मानकों के अनुसार लगभग 1083 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। यह पाइपलाइन यूपी के 18 जिलों ललितपुर, झांसी, जालौन, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज, भदोही, जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, गोरखपुर, देवरिया तथा 46 तहसीलों व 966 गांवों से होकर गुजरेगी।

गौरतलब है कि आइएचबी लिमिटेड सार्वजनिक क्षेत्र की तीन प्रमुख तेल और गैस कंपनियों-इंडियन आयल कारपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन की संयुक्त उद्यम कंपनी है। इस कंपनी का गठन कांडला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन परियोजना को लागू करने और उसके बाद पाइपलाइन के संचालन और प्रबंधन के लिए किया गया है। यह पाइपलाइन पश्चिमी तट से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात राज्यों में बाटलिंग प्लांट तक पाइपलाइन के माध्यम से एलपीजी की आपूर्ति करेगी।

यह पाइपलाइन भारत की कुल एलपीजी मांग का लगभग 25 प्रतिशत परिवहन करने में सक्षम होगी। इस पाइपलाइन से गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति से लगभग 34 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा। परियोजना की समय सीमा दिसंबर, 2022 है और इसे लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा रहा है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास अरविंद कुमार, अपर मुख्य सचिव वन मनोज सिंह तथा वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से 18 जिलों के डीएम व आइएचबी के महाप्रबंधक परियोजना फैसल हसन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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