Mithun Sankranti 2024: जून महीने में कब है मिथुन संक्रांति? नोट करें शुभ मुहूर्त और स्नान-दान का समय
पंचांग के अनुसार मिथुन संक्रांति तिथि पर पुण्य काल सुबह 05 बजकर 23 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक है। इस दौरान साधक गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान-दान कर सकते हैं। सुविधा न होने पर साधक घर पर ही गंगाजल युक्त पानी से स्नान कर सकते हैं। इसके बाद विधि-विधान से सूर्य देव की पूजा करें।
By Pravin KumarEdited By: Pravin KumarUpdated: Fri, 24 May 2024 06:21 PM (IST)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Mithun Sankranti 2024: आत्मा के कारक सूर्य देव के एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में गोचर करने की तिथि को संक्रांति कहा जाता है। वर्तमान समय में सूर्य देव वृषभ राशि में विराजमान हैं। इस राशि में सूर्य दिन कुल 30 दिनों तक रहेंगे। इसके बाद सूर्य देव राशि परिवर्तन करेंगे। सूर्य देव के वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में गोचर करने की तिथि पर मिथुन संक्रांति मनाई जाएगी। सनातन धर्म में संक्रांति तिथि पर स्नान-ध्यान, पूजा, जप-तप और दान-पुण्य किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि सूर्य देव की पूजा करने से आरोग्यता का वरदान प्राप्त होता है। साथ ही करियर और कारोबार को नया आयाम मिलता है। आइए, मिथुन संक्रांति की तिथि, शुभ मुहूर्त एवं स्नान-दान करने का समय जानते हैं-
सूर्य राशि परिवर्तन
ज्योतिषियों की मानें तो सूर्य देव 15 जून को देर रात 12 बजकर 37 मिनट पर वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मिथुन राशि में गोचर के दौरान 21 जून को आर्द्रा नक्षत्र में गोचर करेंगे। वहीं, 05 जुलाई को पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर करेंगे। इसके पश्चात, 16 जुलाई को मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार मिथुन संक्रांति तिथि पर पुण्य काल सुबह 05 बजकर 23 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक है। वहीं, महा पुण्य काल सुबह 05 बजकर 23 मिनट से सुबह 07 बजकर 42 मिनट तक है। इस दौरान साधक गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान-दान कर सकते हैं। सुविधा न होने पर साधक घर पर ही गंगाजल युक्त पानी से स्नान कर सकते हैं। इसके बाद विधि-विधान से सूर्य देव की पूजा करें। मिथुन संक्रांति के दिन महा पुण्य काल 02 घंटे 20 मिनट का है।
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