Microsoft Windows यूजर्स के लिए खतरे की घंटी, हैक हो सकता है सिस्टम; सरकार ने जारी की एडवाइजरी
माइक्रोसॉफ्ट के कई प्रोडक्ट में खामियों के बारे में पता लगाया गया है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने माइक्रोसॉफ्ट यूजर्स के लिए हाई-रिस्क वॉर्निंग जारी की है। इन खामियों का फायदा उठाकर रिमोट अटैकर्स यूजर्स की पर्सनल जानकारी के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं। एजेंसी ने कहा कि ऐसी स्थिति में खुद को सेफ रखने के लिए अपने डिवाइस को लेटेस्ट ओएस पर अपडेट कर लेना चाहिए।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट विंडोज यूजर्स के लिए सख्त चेतावनी जारी की गई है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने माइक्रोसॉफ्ट के कई प्रोडक्ट में सुरक्षा खामियों के बारे में पता लगाया है। इन खामियों की वजह से यूजर्स की पर्सनल जानकारी खतरे में पड़ सकती है। यह वल्नरेबिलिटी हैकर्स को आपकी संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने का एक्सेस दे सकती हैं।
अगर इन्हें यूजर्स के द्वारा दरकिनार किया जाता है तो हैकर्स आपका बड़ा नुकसान कर सकते हैं। सरकारी एजेंसी ने यूजर्स को सेफ रहने और ऐसे जोखिमों को कम करने के लिए कुछ जरूरी सलाह भी दी है।
किन यूजर्स के लिए खतरे की घंटी
CERT-In के मुताबिक, यह वल्नरेबिलिटी माइक्रोसॉफ्ट के कई प्रोडक्ट के लिए रिस्की साबित हो सकती है। इनमें माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, Microsoft Azure, डेवलपर टूल और माइक्रोसॉफ्ट SQL सर्वर शामिल है। एजेंसी ने कहा कि ये खामियां कई तरह के सिक्योरिटी ब्रीच पैदा कर सकती हैं। इस स्थिति में अटैकर्स डेनियल ऑफ सर्विस (DOS) जैसी स्तिथि भी बना सकते हैं। आपके सिस्टम को मनमाने ढंग से ऑपरेट कर सकते हैं। जो सिक्योरिटी के लिहाज से बिल्कुल भी सेफ नहीं है।एज यूजर्स के लिए हाई रिस्क वॉर्निंग
माइक्रोसॉफ्ट एज यूजर्स के लिए भी हाई रिस्क वॉर्निंग जारी हुई है। एडवाइजरी में कहा गया है कि टीम ने माइक्रोसॉफ्ट एज (क्रोमियम बेस्ड) में हाई-सिक्योरिटी वल्नरेबिलिटी का पता लगाया है। जिसका नोट CIVN-2024-0316 है, यह Microsoft Edge के 129.0.2792.79 से पहले के संस्करणों को प्रभावित करता है। इन क्रोमियम बेस्ड खामियों का फायदा उठाकर रिमोट अटैकर यूजर्स की सिक्योरिटी के लिए खतरे की घंटी बजा सकते हैं।एडवाइजरी में आगे कहा गया है कि इन खामियों का सफल एक्सप्लॉइटेशन अटैकर्स को आपके सिस्टम पर मनमाना कोड एग्जिक्यूट करने की परमिशन दे सकता है।यह भी पढ़ें- माइक्रोसॉफ्ट का सफरनामा: दो दोस्तों की जुगलबंदी से शुरू हुई कंपनी कैसे बनी टेक दिग्गज, खूब आईं मुश्किलें
कैसे रहें सेफ
एजेंसी ने यूजर्स को इस तरह की सुरक्षा खामियों से बचने के लिए सलाह दी है कि वह माइक्रोसॉफ्ट द्वारा जारी किए गए लेटेस्ट अपडेट पर अपने डिवाइस को इस्तेमाल करें और कंपनी की ओर से जारी दिशानिर्देशों को फॉलो करें।कुछ और चीजें जो ध्यान रखनी चाहिए।
- किसी भी वेबसाइट से सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने से बचना चाहिए।
- हमेशा सॉफ्टवेयर कंपनी की ऑफिशियल साइट से ही इंस्टॉल करें।
- डिवाइस को लेटेस्ट ओएस पर ही इस्तेमाल करें।
- कंपनी के द्वारा जारी दिशानिर्देशों को पालन करें।
- डिवाइस में संदिग्ध सॉफ्टवेयर इस्तेमाल न करें।