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डिब्बे से ट्वीट, भीड़ में दम घुट रहा है, यात्रियों ने निकाला समस्‍याओं से निजात पाने का रास्‍ता

जनरल बोगी में भीड़ के चलते सफर करना हो रहा मुश्किल। एक बोगी में 200 से 300 तक यात्री करते हैं सफर।

By Prateek GuptaEdited By: Tue, 04 Jun 2019 06:12 PM (IST)
डिब्बे से ट्वीट, भीड़ में दम घुट रहा है, यात्रियों ने निकाला समस्‍याओं से निजात पाने का रास्‍ता
डिब्बे से ट्वीट, भीड़ में दम घुट रहा है, यात्रियों ने निकाला समस्‍याओं से निजात पाने का रास्‍ता

आगरा, गौरव भारद्वाज। गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं। आरक्षित डिब्बों में सीट नहीं मिल रही। ऐसे में लोगों को मजबूरन जनरल बोगी में सफर करना पड़ रहा है। भीड़ के चलते जनरल बोगी में चढऩा किसी जंग जीतने से कम नहीं। बोगी में प्रवेश पा जाओ तो घुटन के चलते सांस लेना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में अब जनरल बोगी के यात्री भी ट्वीट कर मदद मांग रहे हैं। 

ट्रेनों में अभी तक एसी और आरक्षित कोच में समस्याओं को लेकर यात्री रेलवे, जीआरपी या आरपीएफ के ट्वीटर हैंडल पर ट्वीट का मदद मांगते थे, लेकिन अब जनरल डिब्बे में भी यात्रा करने वाले ट्वीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। आगरा कैंट स्थित आरपीएफ थाने में जनरल बोगी से ट्वीटर पर दो शिकायत आई हैं। इन शिकायतों में जनरल डिब्बे में भीड़ अधिक होने के कारण घुटन होने और यात्रा करने में परेशानी होने की बात कही गई। आरपीएफ ने कैंट स्टेशन पर दोनों शिकायतों को अटेंड किया। इसमें जिस डिब्बे में ज्यादा भीड़ थी, वहां से यत्रियों को दूसरे डिब्बे में शिफ्ट कराया गया। गेट पर खड़े यात्रियों का हटाया गया। भले ही यह घटना कुछ दिन पुरानी है, लेकिन बांदा में रविवार को संपर्क क्रांति ट्रेन की जनरल बोगी में एक युवती की दम घुटने से मौत के बाद जनरल डिब्बों का सफर जानलेवा भी हो रहा है।

केस-1 दिल्ली से झांसी तक महाकौशल एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में सफर कर रहे सुनील ने बहुत भीड़ होने पर आरपीएफ को ट्वीट कर मदद मांगी। 

केस-2 दिल्ली से ग्वालियर जाने वाले एक यात्री ने पंजाब मेल की जनरल बोगी में भीड़ के चलते गेट से अंदर न घुस पाने की शिकायत की। कैंट स्टेशन पर भीड़ को शिफ्ट किया गया।

झेलम एक्सप्रेस में हालात थे बहुत खराब

सोमवार को आगरा कैंट स्टेशन पर झेलम एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे की हालत भी बहुत खराब थी। सबसे पीछे वाली बोगी पहले से यात्रियों से भरी थी। स्टेशन पर उतरने वाले पांच थे, लेकिन चढऩे के इंतजार में एक दर्जन से ज्यादा। ट्रेन के रुकने से पहले डिब्बे के साथ-साथ यात्री दौड़ रहे थे। एक मिनट के ब्रेक के बाद ट्रेन चल पड़ी। चलती ट्रेन में भी डिब्बे में चढऩे के लिए कशमकश चल रही थी। डिब्बे में निर्धारित संख्या से दोगुने से ज्यादा यात्री सफर कर रहे थे।  

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