बदायूं में शत्रु संपत्ति पर बनवा दिए पीएम आवास, प्रशासन ने ढहाने की मुनादी कराई तो मच गई खलबली
बदायूं में शत्रु संपत्ति पर अवैध कब्जा कर मकान बनवाने वालाें को मकान खाली कराने के लिए मुनादी कराई जा चुकी है। यहां 25 लोग मकान बनवाकर रह रहे हैं। शत्रु संपत्ति पर जिनके मकान बने हैं उनमें से कई लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है।
By Aqib KhanEdited By: Updated: Sun, 03 Jul 2022 08:54 AM (IST)
बदायूं, जागरण संवाददाता: शहर में कबूलपुरा रवन्ना में शत्रु संपत्ति पर अवैध कब्जा कर मकान बनवाने वालाें को मकान खाली कराने के लिए मुनादी कराई जा चुकी है। यहां 25 लोग मकान बनवाकर रह रहे हैं। प्रशासन की कार्रवाई अपनी जगह ठीक है, लेकिन शत्रु संपत्ति पर जिनके मकान बने हैं उनमें से कई लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है।
मकान मालिकों का तर्क है जब शत्रु संपत्ति की थी तो उनके आवास वहां कैसे स्वीकृत हुए और आवासों तक आवागमन के लिए नगर पालिका की ओर से सड़क भी डलवा दी गई। नगर पालिका अध्यक्ष ने खुद सड़क का लोकापर्ण किया था। इसके बाद अब प्रशासन बिल्डिंग ढहाने की तैयारी कर रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी का खामियजा अब इन परिवारों को भुगतना पड़ेगा।
योगी सरकार सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटवाने के लिए अभियान चलवा रही है। शहर से लेकर कस्बों और गांवों तक अवैध कब्जे हटवाए जा रहे हैं। शत्रु संपत्ति भी कब्जामुक्त करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
कबूलपुरा रवन्ना में सोत नदी के निकट वर्षों से खाली जमीन पड़ी थी। राजस्व विभाग के अभिलेखों में शत्रु संपत्ति दर्ज होने के कारण कोई हाथ नहीं डाल रहा था। करीब एक दशक पहले सपा शासनकाल में शहर के कुछ लोगों ने शत्रु संपत्ति की जमीन कब्जा करके प्लाटिंग की और लोगों को बेच दिया। जमीन खरीदने वालों ने अपने मकान बनवा लिए। 10 लोगों के मकान तो प्रधानमंत्री आवास योजना से बन गए हैं। इतना ही नहीं नगर पालिका प्रशासन ने यहां सड़क भी डलवा दी।
सवाल उठना लाजिमी है कि लेखपाल ने आवास के लिए रिपोर्ट कैसे लगा दी और नगर पालिका ने बिना जांच पड़ताल के वहां सड़क कैसे डलवा दी। प्लाटिंग करने वालों को अधिकारियों ने क्यों नहीं रोका। तहसील प्रशासन के मकान खाली करवाने की मुनादी करवाने और प्लाटों को ध्वस्त कराने की कार्रवाई के बाद खलबली मच गई है।
शत्रु संपत्ति पर हुए निर्माण के लिए राजस्व विभाग, डूडा, नगर पालिका के अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। अवैध निर्माण गिराने के साथ फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
जिम्मेदारों का कहना हैकबूलपुरा रवन्ना में आबादी बस जाने पर स्थानीय लोगों की मांग पर सड़क डलवाई गई है। भूमि शत्रु संपत्ति की है तो इसे राजस्व विभाग को को देखना चाहिए था। -अमित कुमार, प्रभारी ईओ नगर पालिका शत्रु संपत्ति पर कबूलपुरा रवन्ना में प्लाटिंग कराई जा रही थी उसे हटवा दिया गया है। यहां लोगों ने गलत निर्माण कराया है। मुनादी कराई जा चुकी है। समय सीमा खत्म होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -करनवीर सिंह, तहसीलदार सदर
आपके शहर की हर बड़ी खबर, अब आपके फोन पर। डाउनलोड करें लोकल न्यूज़ का सबसे भरोसेमंद साथी- जागरण लोकल ऐप।