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    Deepesh Bhan Death: रुला गए 'भावीजी घर पर हैं' के 'मलखान', बदायूं की गलियों से टिल्‍लू और टीका के साथ निकला था यह किरदार

    By Vivek BajpaiEdited By: Vivek Bajpai
    Updated: Sat, 23 Jul 2022 04:31 PM (IST)

    Deepesh Bhan Death धारावाहिक के लेखक मनोज संतोषी ने जागरण को फोन पर बताया कि वह बुलंदशहर के रामघाट जिले के रहने वाले हैं। बदायूं में रिश्तेदारी के चलते अक्सर आते-जाते रहते थे। वहां गलियों में शरारती लड़कों को देखते थे।

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    Deepesh Bhan Death: धारावाहिक की सहकर्मी अंगूरी भाभी के साथ मलखान उर्फ दीपेश भान। जागरण

    बरेली, जागरण संवाददाता। टीवी धारावाहिक भावीजी घर पर हैं, (Bhabhiji Ghar Par Hain) में मलखान (Malkhan) का किरदार गंगा किनारे बदायूं और रामघाट के बीच कहीं किसी गांव के शरारती युवक से निकला था। वह अक्सर शरारत करता था, वह भी ऐसी कि लोग उसकी कुटाई कर देते थे। वह इस पर गुस्सा होता। अगले दिन फिर वही शरारत। मलखान का असली नाम दीपेश भान (Deepesh Bhan) था।

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    यह भी पढ़ें:- Deepesh Bhan Death: 'भाभी जी घर पर हैं' के 'मलखान' दीपेश भान का निधन, 2021 में हुई थी मां की मौत

    धारावाहिक के लेखक मनोज संतोषी ने जागरण को फोन पर बताया कि वह बुलंदशहर के रामघाट जिले के रहने वाले हैं। बदायूं में रिश्तेदारी के चलते अक्सर आते-जाते रहते थे। वहां गलियों में शरारती लड़कों को देखते थे। ऐसे में टीका, मलखान और टिल्लू तीनों के ही किरदार मैंने यहां के गांवों की गलियों से ही तलाश किए। यह बात उन्होंने दिसंबर में मुरादाबाद में आयोजित जागरण फोरम में भी कही थी। इसके लिए एक्टर का चयन करना धारावाहिक निर्माता शशांक बाली का काम था। वह  साथ में बतौर एक्टर काम करते थे।

    याद आओगे मलखान

    मनोज बताते हैं कि वह बहुत एनर्जी से भरपूर थे। गाना गाने का शौक था। वह मोहित चौहान के फैन थे, हम भी उन्हें मोहित कहते थे। किसी भी कार्यक्रम में आगे बढ़ना चाहते थे। वह अक्सर कहते थे कि मुझे आगे बहुत कुछ करना है। उनका बच्चा पिछले दिनों हास्पिटल में था। इस बीच वह दो-तीन दिन बाद शूटिंग पर आए लेकिन, चेहरे पर दुख था।

    दूसरों को हंसाते रहे, खुद सारी बोलकर

    मनोज संतोषी को उनकी हर बात याद है। पुराने किस्से ऐसे याद करते रहे, मानो कल की बात हो। बोले, मलखान का किरादर मिलने के बाद मैंने उन्हें कभी किसी के बारे में गलत तरीके से बोलते नहीं सुना। किसी को गलतफहमी हो जाती थी तो खुद आगे आकर सारी बोल देते थे।