कैंपस में लगा छात्रों का रेला तो CCSU ने खोला पोर्टल, इससे प्रोविजनल सर्टिफिकेट डाउनलोड न होने पर यह करें
Meerut News चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के छात्रों को डिग्री संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित अवधि में छात्रों को उपाधि नहीं भेजी जा रही है। छात्रों के रोष के बाद विश्वविद्यालय ने प्रोविजनल सर्टिफिकेट के लिए आनलाइन पोर्टल खोल दिया है। विश्वविद्यालय परिसर में बने छात्र सहायता केंद्र पर दूसरे दिन मंगलवार को भी छात्रों की भीड़ कम नहीं हुई।

जागरण संवाददाता, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय जिन छात्रों की बदौलत अपनी उपलब्धियों पर इतराता है उनकी ही समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। अपनी समस्याओं का समाधान पाने के लिए छात्रों को एकजुट होकर हर बार हंगामा, प्रदर्शन धरना व घेराव का रास्ता ही अपनाना पड़ता है। सोमवार को खुले विश्वविद्यालय परिसर में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। विश्वविद्यालय परिसर में बने छात्र सहायता केंद्र पर दूसरे दिन मंगलवार को भी छात्रों की भीड़ रही।
उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर, आयोग की ओर से शिक्षक भर्ती आदि में डिग्री की अनिवार्यता के कारण सोमवार को परिसर में हजारों छात्र व उनके स्वजन पहुंच गए। छात्र सहायता केंद्र से लेकर गोपनीय विभाग की खिड़कियों तक छात्रों को जब कोई राहत नहीं मिली तो सभी एकत्र होकर कुलपति से मिलने पहुंचे। कुलपति नहीं मिलीं, परीक्षा नियंत्रक से भी मुलाकात नहीं हुई तो छात्र कुलसचिव के पास पहुंचे और अपनी समस्याओं का निदान मांगा।
विश्वविद्यालय परिसर की स्थिति और छात्रों में व्याप्त रोष को देखते हुए विश्वविद्यालय ने औपबंधिक प्रमाण पत्र यानी प्रोविजनल सर्टिफिकेट के लिए पोर्टल खोल दिए हैं।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक के अनुसार सभी तरह की भर्तियों को देखते हुए विद्यार्थियों के लिए 2010 के बाद से अब तक के उत्तीर्ण विद्यार्थियों के प्रोविजनल सर्टिफिकेट के लिए विश्वविद्यालय के पोर्टल ccsuniversity.ac.in पर आनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
विद्यार्थी उक्त वेबसाइट पर स्टूडेंट पोर्टल पर जाकर अपनी प्रोविजनल सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं।
जिस विद्यार्थी का सर्टिफिकेट उक्त प्रक्रिया से डाउनलोड नहीं हो पाता है वह विद्यार्थी विश्वविद्यालय परिसर स्थित इंडियन बैंक से निर्धारित प्रारूप का फार्म लेकर छात्र सहायता केंद्र पर जमा कर अपना प्रोविजनल सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही विद्यार्थी मूल उपाधि प्राप्त करने के लिए उक्त वेबसाइट पर स्टूडेंट पोर्टल पर जाकर अपना आवेदन पूरे पते के साथ कर सकते हैं।
आवेदन करने के बाद विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित अवधि में उक्त उपाधि को डाक से छात्र के घर भेज दी जाएगी। हालांकि विश्वविद्यालय ने अपनी सूचना में यह भी लिख दिया है कि डाक विभाग द्वारा विलंब की स्थिति के लिए विश्वविद्यालय उत्तरदायी नहीं होगा। जबकि सच्चाई यह है कि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित अवधि में अब तक किसी छात्र की उपाधि भेजी ही नहीं जा सकी है।
दूसरे दिन भी कम नहीं भीड़
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में बने छात्र सहायता केंद्र पर दूसरे दिन मंगलवार को भी छात्रों की भीड़ कम नहीं हुई। सोमवार रात हुए निर्णय की जानकारी संभवतः छात्रों को अब तक नहीं मिली है। इसीलिए सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र प्रोविजनल सर्टिफिकेट के आवेदन के लिए छात्र सहायता केंद्र पहुंचे हैं। दोपहर तक भी भीड़ कम नहीं हुई। छात्रों को जागरूक करने के लिए विश्वविद्यालय ने छात्र सहायता केंद्र के आसपास के दीवारों पर आवेदन की प्रक्रिया चश्मा कर दी है। हालांकि जिन छात्रों की नजर उन पर पड़ रही है, वही ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। बाकी बैंक से ही फॉर्म लेकर कतार में खड़े हैं।
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