बीजेपी विधायक का महिलाओं को नोट बांटने का वीडियो वायरल, नोटिस जारी
भाजपा विधायक गणेश जोशी का नोट बांटने वाला एक वीडियो वायरल हुआ है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर रिटर्निंग ऑफिसर ने विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
By Raksha PanthariEdited By: Updated: Fri, 16 Nov 2018 12:07 PM (IST)
देहरादून, [जेएनएन]: मसूरी विधायक गणेश जोशी का नोट बांटने का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर रिटर्निंग ऑफिसर ने विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। विधायक की ओर से नोटिस का जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। ये वीडियो छठ पूजा के दौरान का है।
अक्सर चर्चाओं में रहने वाले मसूरी से भाजपा विधायक गणेश जोशी इस बार निकाय चुनाव के दौरान महिलाओं को नोट बांटते वीडियो वायरल होने से चर्चाओं में आ गए हैं। यह वीडियो फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप ग्रुपों में तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में छठ पूजा के एक कार्यक्रम में विधायक जोशी तिलक लगाने के बाद महिलाओं को एक-एक कर हाथों में रखे नोट बांट रहे हैं। विधायक का यह वीडियो वायरल हुआ तो राज्य निर्वाचन आयोग ने इसका आचार संहिता के उल्लंघन के रूप में संज्ञान लेकर देहरादून के जिला निर्वाचन अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एसए मुरूगेशन के निर्देश पर राजपुर क्षेत्र के रिटर्निंग अफसर ने विधायक को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई होगी।
विधायक गणेश जोशी ने बताया कि छठ पूजा पर जब बहनें तिलक लगाती हैं, तो भाई पैसा देता है। यह परंपरा सदियों से चल रही है। इसको चुनाव आचार संहिता से जोड़ना गलत है। इस मामले में जो भी जांच होगी, मैं उसके लिए तैयार हूं।
परंपरा को गलत तरीके से देखना निंदनीयभाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि मसूरी विधायक गणेश जोशी हिंदू रीति के अनुरूप छठ पर्व पर शगुन की परंपरा को निभा रहे थे। इसे कांग्रेसी और कुछ अन्य लोग चुनाव में पैसे बांटने से जोड़ रहे हैं, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि हिंदू रीति के अनुसार, छठ पर्व में महिलाएं अपने भाई को तिलक लगाती हैं तो भाई उन्हें दक्षिणा देते हैं।
यह परंपरा पूर्व क्षेत्र में ठीक उसी प्रकार प्रचलित व लोकप्रिय है, जैसे रक्षाबंधन पर्व पर बहन द्वारा भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने के बाद भाई द्वारा बहन को दक्षिणा स्वरुप भेंट दी जाती है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र रीति के निभाए जाने को गलत रूप देने का प्रयास कर रहे लोगों को नैतिकता के आधार पर माफी मांगनी चाहिए।
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