Uttarakhand Cabinet Meet: ग्रामीण क्षेत्रों के 4.34 लाख परिवारों को राहत, अब एक रुपये में लगेगा पेयजल कनेक्शन
राज्य सरकार ने ग्रामीण इलाकों के 4.34 लाख परिवारों को राहत देने का फैसला लिया है। ग्रामीण परिवारों से निजी घरेलू कनेक्शन के लिए एक रुपये कनेक्शन शुल्क लिया जाएगा।
By Raksha PanthariEdited By: Updated: Wed, 08 Jul 2020 09:11 PM (IST)
देहरादून, राज्य ब्यूरो। हर घर को नल से जल मुहैया कराने को केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत राज्य सरकार ने ग्रामीण इलाकों के 4.34 लाख परिवारों को राहत देने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय किया गया कि जल संस्थान के रखरखाव वाली पेयजल योजनाओं में ग्रामीण परिवारों से निजी घरेलू कनेक्शन के लिए एक रुपये कनेक्शन शुल्क लिया जाएगा। कैबिनेट ने एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना, मुख्यमंत्री राहत कोष में पारदर्शी व्यवस्था, ऊधमसिंहनगर में औद्योगिक कॉरीडोर, राज्य में 1020 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति समेत कई फैसलों पर भी मुहर लगाई।
सचिवालय में बुधवार सुबह 11 बजे शुरू हुई कैबिनेट बैठक तीन बजे तक चली। बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कैबिनेट में 22 बिंदु रखे गए, जिनमें से एक स्थगित किया गया। कौशिक के अनुसार जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन के मद्देनजर पेयजल कनेक्शन की व्यवस्था को सरलीकृत करने को झंडी दी गई। ग्रामीण क्षेत्रों में 1508831 परिवार हैं, जिनमें 272600 के पास ही पेयजल कनेक्शन हैं। शेष 82 फीसद परिवारों को कनेक्शन दिए जाने हैं। इन शेष परिवारों में से 434399 जल संस्थान के रखरखाव वाली योजनाओं से आच्छादित होंगे। इन परिवारों से कनेक्शन शुल्क एक रुपये और प्रार्थनापत्र शुल्क 25 रुपये लिया जाएगा। सामान्यतया पेयजल कनेक्शन को 2220 रुपये अदा करने होते हैं।
कैबिनेट ने एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना को मंजूरी दी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत योजना में प्रत्येक ब्लाक में एक-एक गांव चयनित कर वहां क्लस्टर आधार पर खेती होगी। इसमें गांव में रहने वाले और प्रवासी सभी की भूमि में खेती होगी। क्लस्टर कम से कम 10 हेक्टेयर का होगा और इसमें सौ किसान खेती करेंगे। योजना संचालन को प्रति गांव 14.25 करोड़ मिलेंगे। मनरेगा से भी इसे जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत, आवंटित राशि की पारदर्शी व्यवस्था पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई। कौशिक के अनुसार कोष में सौ करोड़ रुपये पहले से थे, जबकि 15 मार्च से 25 जून तक 154 करोड़ की राशि जमा हुई। कोरोना से बचाव समेत विभिन्न कार्यों को कोष से 85.60 करोड़ आवंटित किए गए। कोष के लेखों की सुगमता, शुचिता के दृष्टिगत समन्वय व पर्यवेक्षण के लिए वित्त विभाग से अपर सचिव स्तर के अधिकारी को नामित किया जाएगा।
कैबिनेट ने उत्तराखंड नर्सिंग कॉलेज शिक्षक सेवा नियमावली संशोधन-2020 को मंजूरी देते हुए स्टाफ नर्स के 1020 पदों पर भर्ती शुरू करने का निर्णय लिया। अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के तहत ऊधमसिंहनगर में पहले चरण में एक हजार एकड़ में औद्योगिक कॉरीडोर बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
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