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Xi Jinping Saudi Arabia Visit: इस हफ्ते सऊदी अरब जाएंगे शी जिनपिंग, चीन-अरब शिखर सम्मेलन में हो सकते हैं शामिल

शी जिनपिंग की अरब की राजधानी रियाद की यात्रा में चीन-अरब शिखर सम्मेलन शामिल हो सकते हैं जिसमें 14 अरब राष्ट्राध्यक्षों के भाग लेने की उम्मीद है। दो दिवसीय यात्रा के दौरान चीन-जीसीसी सम्मेलन का आयोजन भी होगा।

By Jagran NewsEdited By: Piyush KumarUpdated: Tue, 06 Dec 2022 07:15 AM (IST)
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की फाइल फोटो।
बीजिंग, एजेंसी। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को सऊदी अरब पहुंच सकते हैं। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, इस यात्रा के दौरान शी, सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित चीन-अरब शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले सकते हैं। इस सम्मेलन में 14 अरब राष्ट्राध्यक्षों के भाग लेने की उम्मीद है।

चीन-अरब शिखर सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं शी जिनपिंग

शी जिनपिंग के दो दिवसीय यात्रा के दौरान चीन-जीसीसी (Gulf Cooperation Council) सम्मेलन का आयोजन भी होगा। गौरतलब है कि सऊदी अरब और चीन की सरकार ने अभी तक शी जिनपिंग की सऊदी अरब यात्रा की पुष्टि नहीं की है। सऊदी सरकार ने शी की यात्रा और नियोजित शिखर सम्मेलन के बारे में जानकारी के लिए समाचार चैनल सीएनएन के अनुरोध का जवाब देने से इनकार कर दिया।

कुछ दिनों पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने किया था सऊदी अरब का दौरा

बता दें कि जुलाई में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने सऊदी अरब का दौरा किया था, जहां उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ बैठक के दौरान जमाल खशोगी की 2018 की हत्या का मुद्दा उठाया था। बाइडन ने कहा था कि उनका मानना ​​है कि सऊदी नेता  ही जमाल खशोगी के मौत के जिम्मेदार हैं। 

चीन के साथ अमेरिका के संबंध न केवल सऊदी अरब के साथ तनावपूर्ण रहे हैं। चीन और सऊदी अरब ने भी यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिम में अलग-अलग रुख अपनाए हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने रूस पर प्रतिबंधों का समर्थन करने से परहेज किया है, और सऊदी अरब ने बार-बार कहा है कि रूस एक प्रमुख ऊर्जा उत्पादक भागीदार है, जिसे ओपेक+ के फैसलों पर परामर्श किया जाना चाहिए।

अमेरिका ने लगाया था सऊदी अरब पर रूस का साथ देने का आरोप 

पिछले महीने बड़े पैमाने पर तेल कटौती के बाद कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने सऊदी अरब पर रूस का पक्ष लेने और यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सहायता करने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि सऊदी अधिकारियों ने या तो तेल को हथियार बनाने या रूस के साथ पक्ष लेने से इनकार किया है।

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