पाकिस्तान के सिंध प्रांत मे डकैतों ने रॉकेट लांचर से किया मंदिर पर हमला, हिंदुओं के घरों को भी बनाया निशाना
पाकिस्तान में दक्षिणी सिंध प्रांत के काशमोर इलाके में डकैतों के एक गिरोह ने रविवार को राकेट लांचर से एक मंदिर और आसपास के हिंदुओं के घरों को निशाना बनाया। हमलावरों ने मंदिर पर अंधाधुंध फायरिंग भी की। कुछ ही दिन पहले डकैतों ने सीमा हैदर जाखरानी की पबजी प्रेम कहानी का बदला लेने के लिए हिंदू पूजास्थलों पर हमला करने की धमकी दी थी।
By AgencyEdited By: Mohd FaisalUpdated: Mon, 17 Jul 2023 04:30 AM (IST)
कराची, पीटीआई। पाकिस्तान में दक्षिणी सिंध प्रांत के काशमोर इलाके में डकैतों के एक गिरोह ने रविवार को राकेट लांचर से एक मंदिर और आसपास के हिंदुओं के घरों को निशाना बनाया। हमलावरों ने मंदिर पर अंधाधुंध फायरिंग भी की।
कुछ ही दिन पहले काशमोर और घोटकी नदी क्षेत्रों में सक्रिय डकैतों ने सीमा हैदर जाखरानी की पबजी प्रेम कहानी का बदला लेने के लिए हिंदू पूजास्थलों और समुदाय के सदस्यों पर हमला करने की धमकी दी थी। सीमा हैदर ग्रेटर नोएडा में रहने वाले अपने प्रेमी सचिन मीणा के साथ रहने के लिए अपने चार बच्चों के साथ पाकिस्तान से भारत आई हैं।
काशमोर-कंधकोट के एसएसपी ने जारी किया बयान
काशमोर-कंधकोट के एसएसपी इरफान सामू ने बताया कि मंदिर पर हमला रविवार तड़के हुआ और पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचते ही डकैत भाग गए। पुलिस इलाके में तलाशी अभियान चला रही है। पुलिस ने बताया कि हमले के समय मंदिर बंद था। यह बागड़ी समुदाय से संबंधित है और धार्मिक सेवा के लिए वर्ष में एक बार खुलता है।हमले में शामिल थे आठ या नौ डकैत
पुलिस का अनुमान है कि हमले में आठ या नौ डकैत शामिल थे। बागड़ी समुदाय के सदस्य डा. सुरेश ने बताया कि डकैतों द्वारा फायर किए गए राकेट फटे नहीं, इसलिए किसी की मृत्यु नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद से समुदाय के लोग दहशत में है और पुलिस से समुदाय की सुरक्षा करने की मांग की। एसएसपी सामू ने हिंदू समुदाय के लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि काशमोर इलाके में बड़ी संख्या में हिंदू निवास करते हैं।
इलाके के 30 हिंदुओं को अपराधियों ने बनाया बंधक
पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने कहा कि वह सिंध के काशमोर और घोटकी जिलों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की रिपोर्टों से चिंतित है, जहां महिलाओं और बच्चों सहित हिंदू समुदाय के लगभग 30 सदस्यों को कथित तौर पर संगठित आपराधिक गिरोहों द्वारा बंधक बना लिया गया है। यही नहीं, आयोग को परेशान करने वाली ऐसी रिपोर्टें भी मिली हैं कि इन गिरोहों ने अति-उन्नत हथियारों का इस्तेमाल करके समुदाय के पूजास्थलों पर हमला करने की धमकी दी है।आयोग ने सिंध के गृह विभाग से अविलंब मामले की जांच करने को कहा है। बता दें कि कराची में कई पुराने मंदिर हैं और पाकिस्तान में हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। पाकिस्तान में रहने वाली ज्यादातर हिंदू आबादी सिंध प्रांत में ही निवास करती है।