रूस बना भारत का दूसरा सबसे बड़ा आयात स्रोत, अप्रैल से अक्टूबर के दौरान 64% बढ़ा इम्पोर्ट
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार कच्चे तेल और उर्वरकों की अधिक आपूर्ति के कारण चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्टूबर अवधि के दौरान रूस से भारत का आयात 64 प्रतिशत बढ़कर 36.27 बिलियन डॉलर हो गया है। इसके अलावा चीन और यूएस जैसे देशों से इस अवधि के दौरान आयात में गिरावट आई है। निर्यात की बात करें तो स्विट्जरलैंड से भारत का आयात बढ़ा है।
By AgencyEdited By: Gaurav KumarUpdated: Wed, 15 Nov 2023 06:15 PM (IST)
पीटीआई, नई दिल्ली। भारत के आयात के आंकड़ो को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कच्चे तेल और उर्वरक के उच्च शिपमेंट के कारण चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अक्टूबर की अवधि के दौरान रूस से भारत का आयात 64 प्रतिशत बढ़कर 36.27 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
रूस दूसरा सबसे बड़ा आयात स्रोत
आयात में हुए इस बढ़त के साथ रूस इस वित्तीय वर्ष के पहले सात महीनों के दौरान भारत का दूसरा सबसे बड़ा आयात स्रोत बन गया है। एक साल पहले की समान तिमाही में आयात 22.13 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।
रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले रूस से 1 फीसदी से भी कम होता था आयात
रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले भारत की आयात हिस्सेदारी रूस के साथ 1 प्रतिशत से भी कम थी जो युद्ध के बाद 40 प्रतिशत से अधिक हो गई। आपको बता दें कि चीन और यूएस के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का आयातक है।इन देशों से घटा आयात
आंकड़ो के मुताबिक अप्रैल से अक्टूबर के दौरान चीन से आयात मामूली रूप से घटकर 60.02 बिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया, जो एक साल पहले की अवधि में 60.26 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।इसके अलावा अमेरिका से आयात पिछले वर्ष के 29.56 बिलियन अमेरिकी डॉलर से 16 प्रतिशत घटकर 24.89 बिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया।
वहीं यूएई से आयात 21 प्रतिशत घटकर 24.91 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। इसके अलावा सऊदी अरब, इराक, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कोरिया से आयात में भी गिरावट आई।